Wood Apple’s (Bel) Medicinal Benefits

बेल

बेल के फल का गूदा और बीज एक उत्तम विरेचक (पेट साफ़ करने वाले ) माने जाते हैं । बेल शर्करा को कम करने वाला,कफ व वात को शांत करने वाला,अतिसार, मधुमेह,रक्तार्श,श्वेत प्रदर व अति रज : स्राव को नष्ट करने वाला होता है ।

इसका उपयोग शीतल पेय के रूप में किया जाता है, विशेष तौर पर जब गर्मी बहुत अधिक पड़ती है।
बेल के पत्तों को सलाद के साथ मिलाकर विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
बेल का पेड़ घर के आस-पास होने से वहां का वातावरण शुद्ध रहता है, क्योंकि यह विषैली गैसों को अवशोषित करके उनको शुद्ध करता है।

बेल कई जैव रासायनिक पदार्थों जैसे कि अल्‍कलॉइड, एंटीऑक्सिडेंट, पॉलीसेकेराइड्स ओर आवश्यक तेलों की मौजूदगी के कारण औषधीय रूप में जाना जाता है।
बेल में प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता होती है जिससे यह सूजन का इलाज करने में लाभकारी होता है।
बेल के पत्तों में कोलेस्‍ट्रोल कम करने शक्ति होती है

बेल के औषधीय गुण –

१- पके हुए बेल का शर्बत पुराने आंव की महाऔषधि है | इसके सेवन से संग्रहणी रोग बहुत जल्दी ही दूर हो जाता है |

२- बेल का मुरब्बा खाने से पित्त व अतिसार में लाभ होता है | पेट के सभी रोगों में बेल का मुरब्बा खाने से लाभ मिलता है |

३- दस ग्राम बेल के पत्तों को ४-५ कालीमिर्च के साथ पीसकर उसमे १० ग्राम मिश्री मिलकर शरबत बना लें | इसका दिन में तीन बार सेवन करने से पेट दर्द ठीक हो जाता है |

४- बेल के गूदे को गुड़ मिलाकर सेवन करने से रक्तातिसार (खूनी दस्त ) के रोगी का रोग दूर हो जाता है |

५- मिश्री मिले हुए दूध के साथ बेल की गिरी के चूर्ण का सेवन करने से, खून की कमी व शारीरिक दुर्बलता दूर होती है |

६- बेल के पत्तों को पीसकर छान लें, इस १० मिलीलीटर रस के प्रतिदिन सेवन से मधुमेह में शर्करा आना कम हो जाती हैं |

बेल के अन्य औषधीय फायदे:

  • दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाव में सहायक
    बेल का रस तैयार कर लीजिए और उसमें कुछ कुछ बूंदें घी की मिला दीजिए. इस पेय को हर रोज एक निश्चित मात्रा में लें. इसके नियमित सेवन से दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाव होता है. ये ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक होता है.
  • गैस, कब्ज की समस्या में राहत
    नियमित रूप से बेल का रस पीने से गैस, कब्ज और अपच की समस्या में आराम मिलता है.
  • कोलेस्ट्रॉल स्तर को नियंत्रित रखने में मददगार
    बेल का रस कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मददगार होता है.
  • दस्त और डायरिया की समस्या में भी फायदेमंद
    आयुर्वेद में बेल के रस को दस्त और डायरिया में बहुत फायदेमंद माना गया है. आप चाहें तो इसे गुड़ या चीनी के साथ मिलाकर पी सकते हैं.
  • ठंडक देने का काम करता है
    बेल के रस को शहद के साथ मिलाकर पीने से एसिडिटी में राहत मिलती है. अगर आपको मुंह के छाले हो गए हैं तो भी इसका सेवन आपके लिए फायदेमंद रहेगा. गर्मी के लिहाज से ये एक बेहतरीन पेय है. एक ओर जहां ये लू से सुरक्षित रखने में मददगार होता है वहीं शरीर को अंदर से ठंडक देने का काम करता है.
  • नई मांओं के लिए भी है फायदेमंद
    अगर आप एक नई मां हैं तो आपके लिए बेल का रस पीना बहुत फायदेमंद रहेगा. ये मां के स्वास्थ्य को बेहतर करने में तो सहायक है ही साथ ही ब्रेस्ट मिल्क प्रोडक्शन को भी बढ़ाता है.
  • कैंसर से बचाव के लिए
    नियमित रूप से बेल का रस पीने से ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका काफी कम हो जाती है.
  • खून साफ करने में सहायक
    बेल के रस में कुछ मात्रा गुनगुने पानी की मिला लें. इसमें थोड़ी सी मात्रा में शहद डालें. इस पेय के नियमित सेवन से खून साफ हो जाता है.

नोट- गर्भावस्‍था और स्‍तनपान: यदि कोई महिला गर्भवती है या स्तन पान करा रही है तो बेल का सेवन कम करें या ना करें क्योंकि इस स्थिति में बेल से होने वाले लाभों पर संदेह होता है।
मधुमेह: यदि आपको मधुमेह है और आप इसको नियंत्रित करने के लिए दवाएं ले रहे है तो बेल का सेवन करने से आपकी रक्त शर्करा की गिरावट बहुत कम हो सकती है इसके लिए आप अपने चिकित्सक से परामर्श लेकर ही बेल का सेवन करें।

Author: admin

A team work for healthy nature & healthy life

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *