Natural Cleanser For Healthy Skin

उबटन / स्किन क्लीन्जिंग
मौसम में परिवर्तन, तेज हवा, धूल व प्रदूषण से त्वचा निरंतर प्रभावित होती हैं , ऐसे में त्वचा की उचित देखभाल न की जाए तो असमय ही चेहरे पर झुर्रियों व झाइयों पड़ने लगती हैं। उबटन / क्लींजर के नाम से तो हम सभी परिचित हैं।अपनी त्वचा की प्रकृति के अनुसार घरेलू उबटनों का प्रयोग कर के उसे स्वस्थ सुंदर व चमकदार बनाया जा सकता है आयुर्वेद भी हजारों सालों से उबटन का इस्तेमाल करने की सलाह देता है। अगर पारंपरिक रूप से देखा जाए तो उबटन दुनिया में कॉस्मेटिक का सबसे पुराना तरीका है।

उबटन/ क्लींजर को बेहद साधारण लेकिन गुणकारी चीजों से बनाया जाता है। असल में यह चेहरे पर जादुई असर करने वाला फेस मास्क है जो ग्लोइंग स्किन देने के साथ-साथ पोषण भी देता है।

पुरातन समय में उबटन/क्लींजर का इस्तेमाल राजा-महाराजाओं के अलावा आम आदमी भी किया करते थे। फर्क सिर्फ ये था कि राजा-महाराजाओं के शाही उबटन में कई कीमती जड़ी-बूटियां और खुशबूदार तेल मिलाए जाते थे। जिनकी वजह से उनके गुण कई गुना बढ़ जाते थे।
जबकि आम आदमी का उबटन ज्यादातर बारीक पिसी हुई दालों और घर पर आसानी से मिलने वाली चीजों से बनता था। स्किन को भीतर तक स्वस्थ बनाने का लगभग हर गुण उबटन में पाया जाता है।

घरेलू उबटन, दूध, बेसन, बादाम पाउडर, दही,हल्दी, क्रीम,नींबू का जूस गुलाब ,चंदन,जल ,शहद ,फलादि व जड़ीबूटियां डालकर बनाया जाता है। वहीं अगर शरीर से रोएं हटाने के लिए उबटन बनाया जा रहा है तो इसमें गेहूं का आटा भी मिलाया जाता है। ये सारी सामग्री भारतीय घरों में आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इसलिए उबटन की सामग्री जुटाने में ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ती है।

आयुर्वेद के अनुसार, हर मनुष्य को शरीर में मौजूद दोष को ध्यान में रखते हुए उबटन का इस्तेमाल करना चाहिए। शरीर के दोष के अनुसार बनाया गया उबटन स्किन के पीएच लेवल को बैलेंस करता है।
पीएच लेवल जब गड़बड़ होता है तभी स्किन को नुकसान पहुंचता है और स्किन की समस्याएं शुरू हो जाती हैं। दोष, असल में आयुर्वेदिक दवाओं का आधार माना जाता है। इन दोषों को तीन श्रेणियों वात, पित्त और कफ में बांटा गया है।

वात दोष के लिए बनाया गया उबटन स्किन को पोषण देता है। वात दोष के लिए बने उबटन को कमरे के सामान्य तापमान पर ही लगाया जाना चाहिए। वात दोष वाला उबटन मोटापे की समस्या से परेशान लोगों को भी बेहतरीन राहत देता है।

पित्त दोष के लिए बनाए गए उबटन को ठंडे तापमान पर लगाया जाना चाहिए। पित्त दोष दूर करने वाला उबटन शरीर के भीतर की गर्मी को बाहर निकालता है। स्किन में एक्ने/पिंपल और मुंहासे जैसी समस्याएं दूर करने में भी ये उबटन बेहतरीन काम करता है।

कफ दोष वालों के लिए बनाए गए उबटन को गर्म तेल मिलाकर तैयार किया जाता है। कफ दोष दूर करने वाला उबटन शरीर में कफ की बीमारियों से परेशान लोगों के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। ये शरीर के सभी जरूरी लिक्विड के सामान्य फ्लो को बनाने में मदद करता है।

वात, पित्त और कफ को सामूहिक रूप से आयुर्वेद में त्रिदोष कहा जाता है। ये तीन दोष दुनिया के हर जीवित इंसान में पाए जाते हैं। ये तीनों दोष असल में बायोलॉजिकल एनर्जी हैं जो शरीर को चलाती हैं। माना जाता है कि ये तीनों दोष जब संतुलित होते हैं, तब मनुष्य स्वस्थ रहता है। अगर कोई भी दोष बढ़ जाए तो बीमारियां मनुष्य को घेर लेती हैं।

वात दोष को शरीर में आकाश और वायु तत्व का प्रतीक माना जाता है। जबकि पित्त दोष मूल रूप से अग्नि और जल तत्व से संचालित होता है जबकि कफ दोष जल और पृथ्वी तत्व से मिलकर संचालित होता है।

घरेलू उबटन/ क्लींजर बनाने की विधि

हल्दी, बेसन एवं चंदन

एक चम्मच चंदन पाउडर, दो चम्मच बेसन,आधा चम्मच हल्दी पाउडर, दो चम्मच दूध इन सभी एक कांच के कटोरे में अच्छे से मिला लें ताकि इसमें गांठ ना पड़े। यह ना ही ज्यादा गाढ़ा हो और ना ही ज्यादा पतला ,और नहाने से 15 – 20 मिनट पहले लगाएं। सूखने पर चेहरे को धो ले , कोई भी साबुन या फेस वॉश का इस्तेमाल ना करें।
इससे काफी फायदें है क्योंकि कच्चा दूध त्वचा को कई फ़ायदे देता है जैसे नमी देना, अच्छे से साफ करना, तेल को संयमित रखना, और सौम्य मरम्मत। जब इसको उबटन के साथ मिलाया जाता है तो आपकी रोज की ज़रूरत पूरी हो जाती है।
और चंदन आपकी त्वचा को नरम बनाता है, जबकि बेसन त्वचा के छूटने में मदद करता है और मृत कोशिकाएं खत्म करता है। हल्दी एक जीवाणुरोधक है।

काबुली चना

दो बड़े चम्मच काबुली चना पाउडर , 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर और थोड़ा सा दूध डालकर अच्छी तरह से मिलाकर पेस्ट बना लें। पेस्ट न अधिक गाढ़ा न रखें न पतला वरना चेहरे पर लगाने पर चिपकेगा नहीं। पेस्ट को चेहरे पर लगाकर 10-20 सेकंड के लिए छोड़ दें। फिर हल्केहाथों से मसाज करें। इससे चेहरा साफ़ और निखरा नज़र आएगा।
काबुली चना पाउडर को ख़ासतौर से त्वचा की सफ़ाई के लिए इस्तेमाल में लिया जाता है। इनमें मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा की रंगत को निखारने के साथ ही टैनिंग, मुंहासों और दाग़-धब्बों को भी दूर करते हैं।

केला

एक केला लेकर उसका गूदा अच्छी तरह मसल कर लसलसा बनाकर उसमें दो चम्मच गुलाब जल, दो बूंद इत्र, खस-खस तथा चार बूंद ग्लिसरीन मिलाकर एक साफ शीशी में भर कर रख लें। आपकी त्वचा सूखी हो तो मेकअप करने से पहले चेहरे पर क्रीम की तरह लगाकर मालिश करें। सूख जाने पर गुनगुने पानी से धो लें। यह फेस पैक सात से बीस दिन तक बनाकर रखा जा सकता है। यदि बिगड़ने की आशंका हो तो गुलाब जल और मिला लेना चाहिए।

आलू

यदि आपके चेहरे पर चेचक या मुंहासों के दाग या झाँइयाँ आदि हों तो का आलू पीसकर ग्लिसरीन तीन बूंद, सिरका, गुलाब का अर्क मिलाकर फेस पैक बना लें। इसे तीन मिनट तक चेहरे पर अच्छी तरह मसल-मसल कर लगाएँ। यह चेहरे के दाग तथा झाइयों । चमत्कारिक रूप से मुक्ति दिला सकता है। इसे कुछ दिन धैर्यपूर्वक लगातार प्रयोग करना चाहिये।

मुलतानी मिट्टी

मुलतानी मिट्टी का एक टुकड़ा लेकर उसे बहुत ही बारीक पीस कर पाउडर के समान बना लें। अब इस पाउडर में इतना पानी मिलायें कि इस पाउडर की लुगदी (पेस्ट) बन जाए। अब इस पेस्ट को चेहरे पर लगायें। पन्द्रह मिनट सूखने दें। फिर गुनगुने पानी से धो लें। यह क्रिया सप्ताह में दो बार की जाए तो चेहरे पर ताजगी बनी रहेगी।
मसूर की दाल से उबटन बनाने की विधि -मसूर की दाल रात को भिगो कर सुबह बारीक पीस कर इसमें एक छोटा चम्मच दही मिलाकर फेंट कर चेहरे पर लगायें। सूखने पर गुनगुने पानी से धो लें।

दालें

सोयाबीन और मसूर की दाल प्रत्येक तीन-तीन चम्मच रात को पानी में भिगो दें। सुबह कच्चे दूध में पीसकर चेहरे पर लगायें। चेहरा चमक उठेगा।

मसूर की दाल घी में भूनकर तथा पीस कर रख लीजिये। सवेरे, शाम एक चम्मच दाल और दो चम्मच दूध मिलाकर चेहरे पर लगाइये। चेहरा थोड़े ही दिनों में सुन्दर एवं कोमल हो जायेगा।

धुली हुई मसूर की दाल त्वचा के रोम-रोम में रमी हुई गंदगी को साफ करने में सक्षम होती है। थोड़ी-सी मसूर की दाल, गुलाब की सूखी पंखुड़ियाँ और चन्दन का चुटकी भर चूरा रात पर दूध में भिगोकर फूल जाने पर पीस कर चेहरे पर हल्के-हल्के हाथ से अच्छी तरह लगाकर मसल मसल कर उसे छुड़ा लें। इसके बाद घण्टे भर तक हल्की धूप में चेहरे को रखें। बाद में गुनगुने पानी से धो डालें। इससे गर्मी में त्वचा को ठण्डक पहुँचती है।

मूली

ताजा मूली के टुकड़े पीस लें। इसे निचोड़ कर कपड़े से छान कर रस निकाल लें। इस रस में बराबर का मक्खन मिला लें। लोशन तैयार है। नहाने से पहले रोजाना चेहरे पर इस लोशन का लेप कीजिए। जल्दी ही आपकी त्वचा में निखार आ जायेगा।

नींबू,बादाम व जैतून का तेल और संतरे का छिलका

अगर आपकी स्किन ड्राई है और आप अपने कोम छिद्र को साफ कर, उसपर से मिट्टी हटाना चाहते हैं, तो यह मिश्रण आपके लिए बेस्ट साबित हो सकता है।10 छोटे चम्मच बादाम का तेल, दस छोटे चम्मच जैतून का तेल और नींबू का रस लें और एक बोतल में स्टोर कर लें।

इसे इस्तेमाल करने के लिए, एक छोटा चम्मच एक बार में लें और एक चम्मच संतरे का पिसा हुआ छिलका मिलाकर चहरे पर आराम से मलें, आंखों के पास के एरिया में भी मलें , 10/ 15 मिनट के बाद ठंडे पानी से साफ कर लें। ऐसा करने से मिट्टी हटेगी और त्वचा में निखार आएगा।

चावल

चावल का आटा लेकर लेई बना लें। इसमें एक चुटकी चन्दन का चूरा, एक चुटकी पिसी हुई हल्दी, दो चम्मच गुलाब जल डालकर खूब अच्छी तरह फेंटते रहना चाहिए। इसके बाद आधा घंटे के लिए धूप में रख दें। मेकअप करने से पहले आधा घंटा चेहरे पर लगा और अच्छी तरह मलते रहें। बाद में हल्के गुनगुने पानी से धोकर अच्छी तरह मेकअप कर ले। चेहरे का सौन्दर्य एक नयी ही छवि उभारेगा।

पपीता

पपीते से प्राप्त रासायनिक तत्त्व त्वचा की तैलीय परत को हटाने में सक्षम है। अच्छी तरह पके हुए पपीते का गूदा लेकर अच्छी तरह पेस्ट बना लें, 15 मिनट तक गूदे का पेस्ट चेहरे पर मसल कर कुछ देर बाद गुनगुने पानी से धो लें। यदि त्वचा रूखी हो तो पपीते के गूदे में गुलाब जल, चन्दन का बुरादा तथा हल्दी मिलाकर उबटन बना कर लगायें। इसको बाद में ठण्डे पानी से धो लेना चाहिए।

गाजर

गाजर को पीसकर उसका रस निचोड़ लें या रस निकालकर उसमें चन्दन का बुरादा, गुलाब जल तथा बेसन मिलाकर पेस्ट बना लें। इसको चेहरे पर अच्छी तरह लगाकर मसल लेना चाहिए।
सेब का उबटन–सेब का थोड़ा-सा गूदा लेकर उसमें बेसन, चन्दन का पाउडर, हल्दी मिलाकर पेस्ट बना लें। इसको चेहरे पर हल्के-हल्के हाथों से लगाकर मालिश करनी चाहिए। झुर्रियों, मुँहासों व दाग आदि छुड़ाने के लिए इसका प्रयोग काफी लाभकर रहता है।

संतरा

दाग-धब्बों के लिए पैक–एक बड़े चम्मच बेसन में आधा चम्मच हल्दी, दो चम्मच संतरे के छिलकों का पिसा हुआ पाउडर, एक चम्मच दही व एक चम्मच दूध, एक चम्मच गुलाब जल, नींबू का रस, एक चम्मच नारियल का तेल डाल कर अच्छी तरह फेंट लें। चेहरे पर लगाकर सूखने तक लगाये रखें। फिर धो डालें। दो महीने तक हफ्ते में तीन-चार बार तक यह पैक लगाने से हर तरह के दाग, धब्बे दूर होने लगते हैं।

100 ग्राम संतरे के छिलके छाया में सुखा कर महीन पीस लें। इतनी ही मात्रा में बाजरे का आटा, 10 ग्राम हल्दी, थोड़ा-सा नींबू का रस-इन सब को एक साथ मिलाकर पानी में आटे की तरह गूंध लें, और इसे चेहरे पर मलें।10/ 15 मिनट के बाद ठंडे पानी से साफ कर लें।

दही क्लींजर

दही में बेसन मिलाकर चेहरे पर लगा ली जाये, सूखने के बाद ठंडे पानी से धो डालिए। ऐसा करने से चेहरे का रंग साफ होता है। धूप से पड़े त्वचा पर कुप्रभाव (Sunburn) भी दही के प्रयोग से दूर हो जाते हैं। चेहरे को साफ करने के लिए दही या नारंगी का रस मिलाकर प्रयोग किया जावे तो यह भी एक अच्छा क्लिंजर (क्लिंजिंग मिल्क) की तरह ही कार्य करत है। दही के प्रयोग से त्वचा में निखार आता है। मुँहासों के लिए दही में चावल का आटा मिलाकर लगाया जाये तो मुँहासे काफी जल्दी ठीक हो जाते हैं।

दूध एक प्राकृतिक क्लींज़र

दूध बेहद असरदार प्राकृतिक क्लींज़र है। ये हर तरह की त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। ये मृत त्वचा को निकालने में मदद करता है साथ ही चेहरे को प्राकृतिक चमक भी प्रदान करता है। दूध के इस्तेमाल से त्वचा कोमल और निखरी नज़र आती है।
5 बड़े चम्मच ठंडे दूध में चुटकीभर नमक मिलाएं। दोनों को अच्छी तरह से मिक्स करें। इस मिश्रण को कॉटन बॉल की मदद से चेहरे और गर्दन पर लगाएं। लगभग 1 से 2 मिनट बाद हल्के हाथों को चेहरे पर गोलाई में घुमाते हुए मसाज करें और पानी से धो लें।

शहद एक प्राकृतिक क्लींजर

शहद भी एक प्राकृतिक फेस क्लींज़र है। ये त्वचा से धूल-मिट्टी को गहराई से निकालता है। संवेदनशील त्वचा के लिए ये काफी फायदेमंद है। ये त्वचा में नमी बनाए रखता है।
बाउल में एक चम्मच दूध और तीन चम्मच शहद डालकर मिलाएं । इसे चेहरे पर 10-20 सेकंड लगाकर छोड़ दें। इसके बाद हल्के हाथों की मदद से चेहरे पर मिश्रण को घुमाएं । करीब 10 /15 मिनट के बाद ठंडे पानी से धो लें। यह मिश्रण सभी तरह की त्वचा के लिए फायदेमंद है।

ओटमील क्लींजर

एक चम्मच दूध,एक चम्मच ओटमील, आठ दस शहद की बूँदें इन सबको एक साथ अच्छे से मिला लें।
थोड़ा सा गुलाब जल या सादा पानी भी मिला सकते है ताकि एक पतला पेस्ट तैयार हो सके। अब उस पेस्ट को गर्दन और चेहरे पर लगाएं। लगाने के बाद धीरे-धीरे मसाज करें। 10/ 15 मिनट के बाद पानी से साफ लें।

खीरा क्लींजर

एक छिला हुआ खीरा, दो से तीन चम्मच ताज़ा दही। एक छिला हुऐ खीरे का मिक्सर से जूस निकाल लें। अब जूस में दो से तीन चम्मच दही डालें, दोनों मिश्रण को अच्छे से मिलाने के बाद उसे चेहरे और गर्दन पर लगा लें। 10/ 15 मिनट के बाद ठंडे पानी से साफ लें।

डीप क्लीन्जिंग मास्क

एक बड़ा चम्मच चने के आटे में थोड़ा-सा दूध मिलाकर इस लेप की चेहरे पर मालिश करें। मालिश करने से त्वचा के भीतर गहरी धंसी गन्दगी बाहर आ जाएगी और त्वचा साफ हो जायेगी। मास्क लगाने के 20 मिनट बाद छुड़ायें। इसके बाद दो घण्टे तक मेकअप नहीं करें। मास्क सप्ताह में दो बार लगायें। प्राकृतिक सामग्री से बने मास्क हानिकारक नहीं होते। मास्क लगाने के बाद चेहरे पर हल्के हाथ से गोल-गोल मालिश करें, इससे रक्त-संचार बढ़ता है और त्वचा स्वस्थ व कांतिमान बनती है।

उबटन फेस स्कर्ब

एक चम्मच दलिया, तीन चम्मच चने का आटा, दो चम्मच चंदन का पाउडर,आधा चम्मच हल्दी दो चम्मच खीरा का पेस्ट, सभी को एक बाउल में अच्छे से मिला लें एवं थोड़ा-थोड़ा लेकर चेहरे पर लगाकर मालिश करते रहे।
इसे 5 – 10 मिनट तक कम से कम करते रहे। फिर सूखने पर अपने चेहरे को धो ले।

चेहरे को कुछ दिनों समय समय पर स्क्रब करते रहना चाहिए क्योंकि हमारी त्वचा पर सारी धूल मिट्टी और मृत कोशिकाएं जमा हो जाती है। इसी कारण से हमें ब्लैकहैड्स होते है। हमेशा अपने चेहरे पर स्क्रब लगाते रहे और टोनर की मदद से साफ करते रहे।

उबटन फेस मास्क

एक चम्मच गेंहू का आटा,एक चम्मच बेसन,एक चम्मच चंदन पाउडर,आधा चम्मच हल्दी,दो चम्मच गुलाब का जल इन सभी को एक बाउल में मिलाकर धीरे- धीरे गुलाब का जल डाले और एक पेस्ट तैयार कर ले।
एक सही स्थिरता आने तक गुलाब का पानी मिलाते रहें ताकि न ये ज़्यादा गाड़ा हो न पतला अब इसे चेहरे पर लगाएं और इसे सूखने के लिए 20 मिनट तक छोड़ दे।
सूखने के बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो ले।

गेंहू का आटा त्वचा की कोशिकाओं का पुनर्निर्माण करता है। जब उबटन के साथ इसको मिलाया जाता है तब यह एक कैटेलिस्ट की तरह काम करते हुए त्वचा को बेहतर करता है। गुलाब का पानी छिद्र को बन्द करता है।

काले निशान हटाने के लिए

एक चम्मच बेसन, एक चम्मच मिल्क पाउडर,एक चम्मच चंदन पाउडर,आधा चम्मच हल्दी,एक चम्मच शहद,
एक चम्मच नींबू ,अब एक बाउल में शहद, नींबू का रस, और दूध इन सबको मिला कर एक पेस्ट तैयार कर ले।
इसे चेहरे पर लगाए और 15 – 20 मिनट तक छोड़ दे। सूखने के बाद ठंडे पानी से चहरा धोलें।
नींबू एक प्राकृतिक ब्लीच है और जब यह शहद के साथ मिलाया जाता है तो एंटी टेन पैक की तरह काम करता है।

भारत में उबटन/क्लींजर का इस्तेमाल करने की परंपरा हजारों साल पुरानी है। इसका इस्तेमाल न सिर्फ शादी-ब्याह में दूल्हा-दुल्हन का रूप निखारने के लिए बल्कि नवजात बच्चों पर भी किया जाता रहा है। ये शरीर की त्वचा में मौजूद पीएच बैलेंस को भी मेंटेन करने में मदद करता है। अगर हफ्ते में एक बार भी उबटन/क्लींजर का प्रयोग किया जाए तो ये स्किन की हर समस्या से निजात दिलवा सकता है।

सावधानियाँ

बस इस बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि उबटन/क्लींजर के लिए जिस सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं वह आप की त्वचा के अनुकूल हो, ताकि आपको एलर्जी ना हो त्वचा की प्रकृति के लिए आप वैद्य या डॉ से सलाह जरूर ले।साथ ही जब इसको स्क्रब करें तो हलके हाथों से करें, ताकत के साथ न छुड़ाएं, ऐसा करने से त्वचा क्षतिग्रस्त हो सकती है या उस पर रैशेज पड़ सकते हैं, हलके हाथों से गोलाई में घुमाते हुए उबटन हटाएं और ठंडे पानी से साफ करें।

Author: admin

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