Medicine Plant Careya Arborea

कुम्बी के उपगोग
(Careya arborea)

आज भी जंगलो में कठोर तपस्या करने वाले साधु कुम्भी की छाल का वल्कल(वस्त्र) धारण करते है। इसकी छाल से रस्सियां भी बनाई जाती हैं।

मध्यप्रदेश के जंगलों में मिलने वाले कुम्बी को संस्कृत में कुंभी कहा जाता हैं। पर्णपाती वृक्ष का यह जंगली फल हैं । इसकी ऊँचाई 9 से 18 मीटर तक होती है। इसका अंतकाष्ठ हल्का या गहरे लाल रंग का होता है। लकड़ी भारी तथा कठोर होती है।

कुंबी की लकड़ी का उपयोग कृषि औजारों, आलमारियों, बंदूक के कुंदों, घरों के खंभों और तख्तों के बनाने के काम आता है।
कुंबी का छाल रेशेदार होती है जिसका उपयोग भूरे कागज और जहाजी रस्सों के बनाने में होता है।

औषधीय उपयोग
ग्रामीणांचल में शराब छोड़ने के लिए इसके पत्तो को पीसकर पानी पिलाया जाता है। ग्रामीणांचल में आज भी पशुओं को गिचोड़ी पड़ने पर इसका फल खिलाया जाता हैं।
इसकी छाल ठंड में शामक के रूप में दी जाती है। इसका उपयोग चेचक एवं ज्वरहारी खुजली को नष्ट करने में होता है। फूलों की पर्णयुक्त कलियों में श्लेष्मा होता है। फल सुंगधित और खाद्य होते हैं। इसमें कषाय गोंद पाए जाते हैं। फल का काढ़ा पाचक होता है, बीज विषैले होते हैं। पत्तियों में 19 प्रतिशत टैनिन पाया जाता है।

कुछ जगह इसके फलों की माला बनाकर घर मे लगा दी जाती हैं ताकि जहरीले जन्तु घर मे प्रवेश न करें।

Author: admin

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