Medicinal Use Of Turmeric

हल्दी का उपयोग पाचन तंत्र को सुधारने में, सूजन कम करने में और शरीर के शोधन में हजारों सालों से उपयोग किया जा रहा है। इसमें पाया जाने वाले तत्व करक्यूमिनोइड्स और वोलाटाइल तेल कैंसर रोग से लड़ने के लिए भी जाने जाते हैं।

सर्दियों के मौसम में हल्दी की गांठ का उपयोग सबसे अधिक लाभदायक है और यह समय हल्दी से होने वाले फायदों को कई गुना बढ़ा देता है क्योंकि कच्ची हल्दी में हल्दी पाउडर की तुलना में ज्यादा गुण होते हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि कच्ची हल्दी के इस्तेमाल के दौरान निकलने वाला रंग हल्दी पाउडर की तुलना में काफी ज्यादा गाढ़ा और पक्का होता है।

कच्ची हल्दी, अदरक की तरह दिखाई देती है। इसे ज्यूस में डालकर, दूध में उबालकर, चावल के व्यंजनों में डालकर, अचार के तौर पर, चटनी बनाकर और सूप में मिलाकर उपयोग किया जा सकता है।

हल्दी के अद्भुत गुण

  • मुहांसों के लिए हल्दी का उपयोग:

अगर आपको मुहांसों की शिकायत है तो हल्दी का फेस-पैक आप को उन मुहांसों से छुटकारा दिलाने में मदद करेगा| हल्दी में ऐंटिसेप्किट और ऐंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। फेस पैक बनाने के लिए हल्दी और चन्दन को सामान्य मात्रा में लें और उसमे एक नींबू का रस मिलाकर पैक तैयार करें| इस पैक को 10 मिनट तक चेहरे पर लगाए रखें और फिर गरम पानी से मुंह धो लें| दूसरा पैक बनाने के लिए 1 टेबलस्पून बेसन में आधा चम्मच हल्दी और तीन चम्मच दही मिलाकर चेहरे पर लगाएं और सूखने के बाद इसे ठंडे पानी से धो दें। चेहरे पर 15 मिनट तक हल्दी का लेप लगाए रखने से मुहांसों के दाग भी कम हो जाते हैं।

  • वजन घटाने में हल्दी का उपयोग:

हल्दी मेटाबोलिज्म को तेज करने में मदद करती है| यह तेजी से कैलोरीज भी बर्न करती है, जिससे वजन कम करने में आसानी होती है| यह शरीर से वसा (फैट) को खत्म करने के अलावा लिवर को डीटॉक्स करती है| हल्दी के यह गुण वजन घटाने में आवश्यक योगदानकर्ता हैं| हल्दी शरीर में ख़राब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करती है।
आप हल्दी को अपनी सब्जियों, दूध, सलाद और स्मूथी में मिला कर ले सकते हैं| इसके अलावा आप हल्दी की चाय भी पी सकते हैं| टर्मेरिक टी बनाने के लिए, एक सॉसपैन में पानी उबाल लें, उसमे आधा खाने का चमच हल्दी डालें- अपनी पसंद के अनुसार आप अपनी टी में अदरक, पुदीने की पत्तियां, दालचीनी पाउडर या शहद का उपयोग कर सकते हैं|

  • जलने कटने का बेस्ट इलाज:

हल्दी का उपयोग वर्षों से घावों और ज़ख्मों को भरने के लिए किया जाता आ रहा है। हल्दी के एंटी-सेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण के कारण ज़ख्म जल्दी भरते हैं| चोट वाली जगह पर हल्दी का पेस्ट बना कर लगाना चाहिए| हल्दी का पेस्ट बनाने के लिए हल्दी और पानी को मिला कर गाढ़ा पेस्ट बना लें| इस मरहम को चोट की जगह लगा कर पट्टी कर लें और उसे कम से कम १२ घंटे उसी तरह रहने दें| गहरे घाव के लिए 3-4 दिनों तक इस अमल को दोहराएं|

  • हड्डियों की मजबूती के लिए हल्दी:

हल्दी को एंटी-अर्थरिटिक भी कहा जाता है| हल्दी हड्डियों में दर्द और सूजन को कम करती है| उन लोगों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है जो हर बीमारी को कुदरती इलाज और घरेलु दवाओं से ठीक करना चाहते हैं| गठिया के दर्द के लिए ली जाने वाली दवाओं के साथ अगर हल्दी भी ली जाए तो यह बहुत असरदार साबित होती है| दूध में हल्दी मिला कर पीना, हड्डियों की मज़बूती और स्ट्रेंथ के लिए भी फायदेमंद है|

  • दांतों के लिए हल्दी के फायदे:

लोग अपने दांतों के पीलेपन से परेशान रहते हैं| दांतों का पीलापन दूर करने के लिए हल्दी, नमक और सरसों का तेल मिला कर मंजन करें| रोजाना इस्तेमाल से दांत चमकने लगेंगे| दांतों के दर्द की शिकायत हो तो, कच्ची हल्दी की गांठ को अच्छी तरह भूनें और उसका पाउडर बना लें। इस मिश्रण को दांत पर लगाएं और हलकी मालिश करें, कुछ ही देर में दर्द गायब हो जाएगा|

  • कच्ची हल्दी में कैंसर से लड़ने के गुण होते हैं। यह खासतौर पर पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर के कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकने के साथ साथ उन्हें खत्म भी कर देती है। यह हानिकारक रेडिएशन के संपर्क में आने से होने वाले ट्यूमर से भी बचाव करती है।
  • हल्दी में सूजन को रोकने का खास गुण होता है। इसका उपयोग गठिया रोगियों को अत्यधिक लाभ पहुंचाता है। यह शरीर के प्राकृतिक सेल्स को खत्म करने वाले फ्री रेडिकल्स को खत्म करती है और गठिया रोग में होने वाले जोडों के दर्द में लाभ पहुंचाती है।
  • कच्ची हल्दी में इंसुलिन के स्तर को संतुलित करने का गुण होता है। इस प्रकार यह मधुमेह रोगियों के लिए बहुत लाभदायक होती है। इंसुलिन के अलावा यह ग्लूकोज को नियंत्रित करती है जिससे मधुमेह के दौरान दी जाने वाली उपचार का असर बढ़ जाता है। परंतु अगर आप जो दवाइयां ले रहे हैं बहुत बढ़े हुए स्तर (हाई डोज) की हैं तो हल्दी के उपयोग से पहले चिकित्सकीय सलाह अत्यंत आवश्यक है।
  • शोध से साबित हो चका है कि हल्दी में लिपोपॉलीसेच्चाराइड नाम का तत्व होता है इससे शरीर में इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। हल्दी इस तरह से शरीर में बैक्टेरिया की समस्या से बचाव करती है। यह बुखार होने से रोकती है। इसमें शरीर को फंगल इंफेक्शन से बचाने के गुण होते है।
  • हल्दी के लगातार इस्तेमाल से कोलेस्ट्रोल सेरम का स्तर शरीर में कम बना रहता है। कोलेस्ट्रोल सेरम को नियंत्रित रखकर हल्दी शरीर को ह्रदय रोगों से सुरक्षित रखती है।
  • कच्ची हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटी सेप्टिक गुण होते हैं। इसमें इंफेक्शन से लडने के गुण भी पाए जाते हैं। इसमें सोराइसिस जैसे त्वचा संबंधि रोगों से बचाव के गुण होते हैं।
  • हल्दी का उपयोग त्वचा को चमकदार और स्वस्थ रखने में बहुत कारगर है। इसके एंटीसेप्टीक गुण के कारण भारतीय संस्कृति में विवाह के पूर्व पूरे शरीर पर हल्दी का उबटन लगाया जाता है।
  • कच्ची हल्दी से बनी चाय अत्यधिक लाभकारी पेय है। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
  • हल्दी में वजन कम करने का गुण पाया जाता है। इसका नियमित उपयोग से वजन कम होने की गति बढ़ जाती है।
  • शोध से साबित होता है कि हल्दी लीवर को भी स्वस्थ रखती है। हल्दी के उपयोग से लीवर सुचारु रुप से काम करता रहता है।

हल्दी विस्मयकारी गुणों से भरपूर है परंतु कुछ लोगों पर इसके विपरीत प्रभाव पड़ सकते हैं। जिन लोगों को हल्दी से एलर्जी है उन्हें पेट में दर्द या डायरिया जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। गर्भवती महिलाओं को कच्ची हल्दी के उपयोग से पहले चिकित्सकीय सलाह ले लेनी चाहिए। इससे खून का थक्का जमना भी प्रभावित हो सकता है जिससे रक्त का बहाव बढ़ जाता है अत: अगर किसी की सर्जरी होने वाली हो तो उन्हें कच्ची हल्दी का सेवन नहीं करना चाहिए।

Author: admin

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