Get Rid Of Irregular Menstruation By Nature

मासिक धर्म पूर्ण नारीत्व की एक पवित्र प्राकृतिक क्रिया है और यह उनके जीवन का एक हिस्सा है, समस्या नहीं, बल्कि प्रकृति का विशेष उपहार है, लेकिन जब यह अनियमित हो जाए तो एक समस्या बन जाती है। कई बार यह समस्या बेहद सामान्य होती है और थोड़ी सावधानी व उपचार से ठीक हो जाती है, लेकिन कई मामलों में अज्ञानतावश या फिर शर्म या झिझक के कारण यह बेहद गंभीर बीमारी बन जाती है और माताएं बहिनें लगातार इस समस्या से जूझती रहती है।

मासिकधर्म चक्र महीने में एक बार होता है, जो 10 से 14 साल की आयु में शुरू हो जाता है , यह सामान्यतः 25 से 32 दिनों में एक बार। हालांकि अधिकतर मासिक धर्म का समय तीन से चार दिन रहता है परन्तु तीन से छः दिन तक की अवधि को भी सामान्य माना जाता है।

महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन नाम के तीन हार्मोन होते हैं। इन हार्मोंस का संतुलन बिगड़ना मतलब पीरियड्स में परेशानी शुरू।

अधिक तनाव की वजह से भी अनियमित पीरियड्स की समस्या होती है। तनाव के कारण भी ये समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसका सीधा असर आपके हार्मोंस पर पड़ता है। एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन नामक हॉर्मोन्स पर सीधा असर पड़ने के कारण हार्मोंस प्रभावित हो जाते है और पीरियड्स में अनियमितता बढ़ जाती है।

लगातार बीमार रहने या थायरॉयड की वजह से भी महिलाओं में अनियमित पीरियड्स की समस्या हो जात है।

ठीक ढंग से खानपान न होने के कारण भी पीरियड्स होने में समस्या होती है। इसके साथ ही ठीक ढंग से डाइट लेना बहुत ही जरुरी है। अगर आप मोटी है और ऐसी डाइट खा रही हैं जो कार्बोहाइड्रेट या वजन बढाने के लिए जाना जाता है तो, शरीर में कुछ तरह के हार्मोन लेवल में परिवर्तन आ सकता है।

अनियमित मासिक धर्म की पहली पहचान है यूटेरस में दर्द होना। इसके अलावा भूख भी कम लगती हैं। स्तन, पेट, हाथ-पैर और कमर में दर्द, अधिक थकान, कब्ज, दस्त भी इसके लक्षण हैं। यूटेरस में ब्लड क्लॉट्स का बनना भी इसी का एक लक्षण है।

उपचार एवं उपाय:-

अनियमित पीरियड्स को सही जीवनशैली और खान-पान में बदलाव से ठीक किया जा सकता है…..

मुलेठी,शहद और मिश्री;-
1 चम्मच मुलहठी का चूर्ण थोड़े शहद में मिलाकर चटनी जैसा बनाकर चाटने और ऊपर से मिश्री मिलाकर ठंडा किया हुआ दूध घूंट-घूंटकर पीने से मासिकस्राव नियमित हो जाता है। इसे कम से कम 40 दिन तक सुबह-शाम पीना चाहिए। यदि गर्मी के कारण मासिकस्राव में खून का अधिक मात्रा में और अधिक दिनों तक जाता (रक्त प्रदर) हो तो 20 ग्राम मुलहठी चूर्ण और 80 ग्राम पिसी मिश्री मिलाकर 10 खुराक बना लें। फिर इसकी एक खुराक शाम को एक कप चावल के पानी के साथ सेवन करें। इससे बहुत लाभ मिलता है।

नोट : मुलहठी को खाते समय तले पदार्थ, गर्म मसाला, लालमिर्च, बेसन के पदार्थ, अण्डा व मांस का सेवन नहीं करना चाहिए।

विटामिन सी;-
विटामिन-सी की दवाई या विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे – खीरा, गाजर, संतरा, नींबू अपने खाने में शामिल करें।
विटामिन-सी आपके शरीर में एस्ट्रोजन हॉर्मोन को बढ़ता है । एस्ट्रोजन एक हार्मोन है, जो आपके मासिक धर्म चक्र को विनियमित करने में सहायक है। विटामिन-सी प्रोजेस्ट्रोन के स्तर को भी कम कर देता है, जो बदले में गर्भाशय की दीवारों के शुरुआती शेडिंग की संभावनाओं को बढ़ाता है, जिससे मासिक धर्म शुरू हो जाता है।

सावधानी : अगर आप विटामिन-सी की दवाइयां लेना चाहती हैं, तो एक बार अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें। अगर आपको किसी चीज़ से एलर्जी है, तो इसके बारे में डॉक्टर को ज़रूर बताएं।

दालचीनी पाउडर और दूध;-
आधा चम्मच दालचीनी पाउडर दूध में मिलाकर पिएं। इसके अलावा, पीरियड्स आने के पहले दालचीनी की चाय का भी रोज़ सेवन कर सकते हैं।

दालचीनी शरीर के तापमान को बढ़ाती है और इससे पीरियड्स समय या फिर जल्दी होने की संभावना होती है। दालचीनी न सिर्फ़ आपके मासिक चक्र को ठीक करती है, बल्कि जिन्हें पीसीओएस की शिकायत है, उनके इलाज में भी मददगार साबित हो सकती है। यहां तक कि दालचीनी मासिक धर्म में होने वाले ज़्यादा रक्तस्त्राव को भी कंट्रोल करने में मदद कर सकती है (

सौंफ;-
एक चम्मच सौंफ चार कप पानी एक बर्तन में डालकर उसे पांच से दस मिनट तक उबालें। फिर इसे छानकर पानी को ठंडा कर लें। इसको दिन भर में थोड़ी-थोड़ी देर में पीने से लाभ मिलेगा।

भोजन के बाद सौंफ खाने के फायदे के बारे में सभी जानते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि पीरियड्स को नियमित करने में सौंफ काफ़ी मददगार होता है। यह मासिक धर्म को जल्दी लाने में मदद करता है। यह गर्भाशय में संकुचन पैदा कर मासिक धर्म को सही समय पर होने के लिए प्रेरित करता है। इसके अलावा यह मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द में भी लाभकारी है।

पुदीना चूर्ण और शहद :-
पीरियड्स सही टाइम पर शुरू करने के लिए 1 चम्मच पुदीना पाउडर और 1 चम्मच शहद मिला कर दिन में दो से तीन बार इसका सेवन करे। अनियमित मासिक धर्म को ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक अक्सर इस उपाय की सलाह देते है। कुछ हफ्ते ऐसा करने से सही टाइम पर पीरियड्स आने में ये लाभकारी है ।

अदरक और शहद :-
अदरक को शहद के साथ खाएं या आधा कप में पानी थोड़ अदरक मिलाकर 5-7 मिनट के लिए उबाल लें। इसके बाद ठंडा होने पर थोड़ा शहद मिलाएं और इस मिश्रण को आप अपने मासिक धर्म होने की डेट से करीब एक हफ़्ते पहले लेना शुरू करें।खाना खाने के बाद इसका दिन में तीन बार सेवन करें।
अदरक की तासीर गर्म होती है, जिससे शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है। अदरक में एन्टीस्पैस्मोडिक (antispasmodic) गुण होता है , एन्टीस्पैस्मोडिक, मासिक धर्म के चक्र को सही करने में मदद करता है।यह खासतौर से उन महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद है, जिनके पीरियड्स देर से हो रहे हैं या बेहद कम समय के लिए हो रहे हैं।

अजवायन के पत्ते;:-
6 ग्राम सूखे अजवायन के पत्ते एक गिलास उबलते गर्म पानी में डाल दें और इस पानी को छानकर ठंडा करके दिन में तीन बार लें।
आप अपने मासिक धर्म की तारीख के दस से पंद्रह दिन पहले इसका सेवन शुरू कर दें। चूंकि अजवायन एस्ट्रोजन की तरह काम करता है इस कारण मासिक धर्म समय पर लाने में मदद करता है।

कॉफ़ी :-
मासिक धर्म की डेट के दो हफ़्ते पहले से आप नियमित रूप से कॉफ़ी पीना शुरू कर दें।
पीरियड्स को नियमित करने का यह बहुत ही आसान उपाय है। कॉफ़ी में कैफ़ीन होता है और इसमें एस्ट्रोजन उत्तेजक गुण होते हैं । जैसा कि हमने पहले भी बताया कि एस्ट्रोजन आपके मासिक धर्म चक्र को नियमित करने में मदद करता है, इसलिए कॉफ़ी के सेवन से आपके पीरियड्स समय पर आएंगे।

सावधानी : पीरियड्स शुरू हो जाने के बाद कॉफ़ी का सेवन कम कर दें, या बन्द कर दे क्योंकि इसका ज़्यादा सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

धनिया और दालचीनी :-
एक कप पानी में 1 चम्मच धनिया के बीज और दालचीनी पाउडर उबालें। जब आधा कप पानी रह जाए तब इसमें आधा चम्मच मिश्री पाउडर मिला लें। इस पानी को दिन में दो बार पिएं लाभ मिलेगा ।

अरंडी का तेल:-
अरंडी के तेल से अपने पेट के निचले हिस्से की मालिश करें। फिर गर्म पानी की बोतल (Heating Pad) से उस हिस्से पर 10-15 मिनट तक सिकाई करें। अपने पीरियड्स के लगभग एक हफ्ते पहले से ऐसा रोज़ दो बार करें।
अरंडी के तेल में रायसेनोलिक एसिड होता है, जो गर्भाशय में संकुचन पैदा करता है। इससे आपके पीरियड्स कभी देरी से नहीं आएंगे।

तिल के बीज:-

मासिक धर्म आने के दस से पंद्रह दिन पहले एक चम्मच तिल के बीज को थोड़े से शहद के साथ दिन में दो बार खाएं।
तिल के बीज एस्ट्रोजन की तरह काम करते हैं, जिससे आपके मासिक चक्र समय पर आ सकते हैं, क्योंकि एस्ट्रोजन बेहद महत्वपूर्ण हार्मोन होता है, जिससे पीरियड्स प्रभावित होते हैं।

हल्दी:-
एक गिलास गुनगुने दूध में एक या आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिला कर पीरियड्स के 5 से 6 दिन पहले सोते समय पिये लाभ मिलेगा।
हल्दी को वर्षों से आयुर्वेदिक औषधि के रूप में उपयोग में लाया जाता रहा है। हल्दी के सेवन से न सिर्फ़ इम्यून सिस्टम बेहतर होता है, बल्कि मासिक धर्म भी नियमित समय पर आते हैं । इसके अलावा हल्दी में ईमानोगॉग (Emmenagogue) गुण होता है, जिससे पीरियड्स जल्दी आ सकते हैं ।
साबधानी- पीलिया के मरीज हल्दी का सेवन न करें अगर हल्दी दूध पीने से कोई प्रोबल्स या घबराहट हो तो हल्दी की मात्रा कम कर दे या पीना बन्द कर दे । और वैद्य या डॉ से सलाह जरूर लें।

गर्म पानी:-
हर रोज़ सुबह खाली पेट गर्म पानी पीने से आपके सही समय पर पीरियड्स आ सकते हैं। आप पीरियड्स के दौरान भी गर्म पानी पी सकते हैं या पेट के निचले हिस्से पर सेंक कर सकते हैं। इससे आपको पीरियड्स के दर्द से काफ़ी हद तक आराम मिलेगा। गर्म पानी पीने से और भी तमाम लाभ मिलते है।

गाजर का रस :-
गाजर का जूस हर रोज पीने से भी पीरियड्स मिस होने और देरी से आने की प्रॉब्लम ख़तम होने लगेगी। नियमित मासिक धर्म करने और हार्मोन्स को बैलेंस करने में गाजर का जूस उपयोगी है। इसके इलावा इससे शरीर में खून की कमी भी नहीं होती है।

आप कद्दू, तौरी, खीरा, करेला, पपीता और सहजन आदि का किसी भी रूप में कच्चा या पका कर या जूस बनाकर सेवन करके अनियमित मासिक धर्म को नियमित करने में लाभकारी है।

लेकिन पीरियड्स के दौरान ठंडी तासीर बाले फलों या सब्जियों के जूस या कच्चा सेवन न करें।

साबधानियाँ

मसालेदार, खट्टा और भारी भोजन के सेवन से बचें। हल्का खाना खाएं। चाय और कॉफी की अधिकता से बचे एवं ठंडे पेय पदार्थों से दूर रहें। भारी वजन न उठायें, नमक कम खाएं एवं साबुत अनाज जैसे दलिया, सोयाबीन, मुंगफली, दूध और दूसरे प्रोटीन युक्त भोंजन भी ज़्यादा लें।

उपरोक्त सभी प्रयोग एक साथ न करें। डॉ या वैद्य से भी सलाह लें।

Author: admin

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