Benefits Of Turmeric Milk

हल्दी और दूध आपको रखे स्वस्थ्य…

एक गिलास हल्दी का दूध, विशेषकर रात के समय सोने से पहले पीना सेहत के लिए काफ़ी अच्छा है। ख़ासकर सर्दियों में पीना ज़्यादा लाभदायक है।

हल्‍दी वाला दूध कई औषधिय गुणों से भरपर है। हल्दी की एंटीबायोटिक्स प्रॉपर्टीज़ और दूध में मौजूद कैल्शियम जब ये दोनों एक साथ मिलते हैं तो हल्दी दूध के गुण और भी बढ़ जाते हैं क्योंकि हल्दी एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुणों के लिए जानी जाती है, और दूध, कैल्शि‍यम का स्त्रोत होने के साथ ही शरीर और दिमाग के लिए अमृत के समान हैं। हल्दी में अमिनो एसिड अनिद्रा को दूर करता है। हल्दी का दूध पीरियड्स के दर्द को कम करता है।हल्दी दूध कैंसर मरीज़ को भी बहुत लाभकारी है। पाउडर हल्दी की जगह कच्ची हल्दी का इस्तेमाल फायदेमंद होता है।ये आसानी से किसी भी सब्जी वाले या वेजिटेबल स्टोर्स से मिल जाएगी।

जब चोट लग जाए – यदि किसी कारण से शरीर के बाहरी या अंदरूनी हिस्से में चोट लग जाए, तो हल्दी वाला दूध उसे जल्द से जल्द ठीक करने में बेहद लाभदायक है। क्योंकि यह अपने एंटी बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों के कारण बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता।

कैंसर में लाभकारी -हल्दी में पाया जाने वाला पदार्थ करक्यूमिन कैंसर के मरीजों को रिकवरी में काफी मदद करता है।

शारीरिक दर्द – शरीर के दर्द में हल्दी वाला दूध आराम देता है। हाथ पैर व शरीर के अन्य भागों में दर्द की शिकायत होने पर हल्दी वाले दूध का सेवन करें।

वज़न करे कम- ऐसा माना जाता है कि हल्दी दूध में मौजूद कैल्शियम और दूसरे मिनरल्स शरीर में मौजूद फैट को कम करते हैं। इस वजह से हल्दी वाला दूध पीने से शरीर का वज़न कम होता है।

त्वचा हो साफ और खूबसूरत – दूध पीने से त्वचा में प्राकृतिक चमक पैदा होती है, और दूध के साथ हल्दी का सेवन, एंटीसेप्टिक व एंटी बैक्टीरियल होने के कारण त्वचा की समस्याओं जैसे – इंफेक्शन, खुजली, मुंहासे आदि के बैक्टीरिया को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। इससे त्वचा साफ और स्वस्थ और चमकदार दिखाई देती है।

सर्दी होने पर – सर्दी, जुकाम या कफ होने पर हल्दी वाले दूध का सेवन अत्यधिक लाभकारी साबित होता है। इससे सर्दी, जुकाम तो ठीक होता ही है, साथ ही गर्म दूध के सेवन से फेफड़ों में जमा हुआ कफ भी निकल जाता है। सर्दी के मौसम में इसका सेवन आपको स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।

हड्डियां बने मजबूत – दूध में कैल्श‍ियम होने के कारण यह हड्डियों को मजबूत बनाता है और हल्दी के गुणों के कारण रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। इससे हड्डी संबंधि‍त अन्य समस्याओं से छुटकारा मिलता है और ऑस्टियोपोरोसिस में कमी आती है।

जब नींद न आए – यदि किसी भी कारण से नींद नहीं आ रही है तो रात को भोजन के बाद सोने के आधे घंटे पहले हल्दी वाला दूध पीएं l फायदा होगा l

पाचन तंत्र हो गड़बड़ – हल्दी वाले दूध का सेवन आंतो को स्वस्थ रखकर पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है। पेट के अल्सर, डायरिया, अपच, कोलाइटिस एवं बवासीर जैसी समस्याओं में भी हल्दी वाला दूध फायदेमंद है।

जोड़ों के लिए असरकारी – हल्दी वाले दूध का प्रतिदिन सेवन, गठिया- बाय, जकड़न को दूर करता है, साथ ही जोड़ों मांसपेशियों को लचीला बनाता है।

ब्लड शुगर कम करे – खून में शर्करा की मात्रा अधिक हो जाने पर हल्दी वाले दूध का सेवन ब्लड शुगर को कम करने में मदद कर सकता है।लेकिन अत्यधि‍क सेवन शुगर को ज़्यादा कम कर सकता है l

सांस की तकलीफ – हल्दी वाले दूध में मौजूद एंटी माइक्रो बैक्टीरियल गुण, दमा, ब्रोंकाइटिस, साइनस, फेफड़ों में जकड़न व कफ से राहत देने में सहायता करते हैं। गर्म दूध के सेवन से शरीर में गर्मी का संचार होता है जिससे सांस की तकलीफ में आराम मिलता है।

वायरल संक्रमण – वायरल संक्रमण में हल्दी वाला दूध सबसे बेहतर उपाय है, जो संक्रमण से बचाता है।

कामोत्तेजना बढ़ाए – रोज़ाना एक गिलास गर्म दूध में एक चुटकी हल्दी डालकर पीने से कामोत्तेजना काफी हद तक बढ़ सकती है l

ब्लड फ्लो बढ़ाये-कई बार हल्की चोट, मोच या किसी भी तरह के दर्द से हमारे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन धीमा पड़ जाता है। हल्दी वाला दूध ब्‍लड सर्कुलेशन बढ़ाने में माहिर है। इसीलिए किसी भी तरह के दर्द में हल्दी दूध वाला दिया जाता है ताकि दर्द से नि‍जात मिल सके।

हल्दी दूध तैयार करने की विधि

 सबसे पहले हल्दी की गांठ ले लें। अगर कच्ची हल्दी की गांठ मिल सके तो और भी बेहतर रहेगा। इस गांठ को साफ करके एक टुकड़ा काट लें। अगर सर्दी हो रखी है तो काली मिर्च के दो से तीन दाने लेकर बारीक कूट लें। फिर दूध को उबलने के लिए रख दें। जब एक उबाल आ जाए तो इसमें हल्दी के टुकड़े को कद्दूकस करके डाल दें। अगर कच्ची हल्दी न मिले तो सूखी गांठ को पीसकर डाल दें। या फिर पाउडर का ही इस्तेमाल करें। इसके बाद इस दूध को 10 मिनट और उबालें। चीनी डालने की जरूरत नहीं है। 10 मिनट बाद दूय़ को एक गिलास में छान लें। इसके बाद इस दूध में चाहे तो थोड़ा शहद ( मधुमेह के रोगी वैद्य या जानकार से परामर्श लें) मिलाकर पिएं। 

सावधानियां-

अगर आपको पित्ताशय से जुड़ी कोई समस्या है या पित्त की थैली में स्टोन है तो आपको हल्दी वाला दूध नहीं पीना चाहिए।

अगर आपको ब्लीडिंग प्रॉब्लम है तो हल्दी वाला दूध आपको नुकसान पहुंचा सकता है। ये ब्लड क्लॉटिंग की प्रक्रिया को कम कर देता है जिससे ब्लीडिंग की समया और अधिक बढ़ सकती है।

हल्दी में एक रासायनिक पदार्थ करक्यूमिन पाया जाता है। जो ब्लड शुगर को प्रभवित करता है। ऐसे में अगर आपको मधुमेह है तो हल्दी वाला दूध पीने से परहेज करना ही बेहतर होगा।

हल्दी का बहुत अधिक सेवन करने से आयरन का अवशोषण बढ़ जाता है। जिन लोगों में पहले से ही आयरन की कमी है उन्हें वैद्य की सलाह लेकर हल्दी का सेवन करना चाहिए।

गर्भवती महिलाओं को हल्दी दूध प्रेगनेंसी के दौरान बिना वैद्य या जानकर की सलाह के वगैर नही पीना चाहिए क्योंकि यह गर्भाशय में संकुचन (uterine contraction) पैदा कर सकती है ।

जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि हल्दी खून का थक्का जमने नहीं देता है। जिसकी वजह से खून का स्त्राव बढ़ जाता है। अगर आपकी सर्जरी हुई है या फिर होने वाली है तो हल्दी के सेवन से बचें।

रोगी व्यक्ति हल्दी दूध शुरू करने से पहले वैद्य या जानकार से परामर्श अवश्य करें।

Author: admin

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