Benefits Of Calcium

हमारी रसोई और हमारा स्वास्थय

कैल्शियम के कार्य:-

स्वस्थ और मजबूत हड्डियाँ तथा दाँत बनाता है और संपोषित करता है।
1- हृदय की धडकन को नियंत्रित करता है।
2-स्नायु आवेगों को संचालित करता है।
3- हार्मोन स्राव को बढाता है।
4- एन्जाइम के काम करने में सहायक होता है।
5-रक्त का थक्का जमाने में सहायक होता है।
6- अतिरिक्त चरबी कम करता है।
7- इसके अलावा शारीर में होने वाली सैकड़ों प्रक्रियाओं के काम आता है।
हड्डियों की कमजोरी सभी के स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। प्रत्येक वयस्क को प्रतिदिन 1200 से 1500 mg कैल्शियम की आवश्यकता होती है।
महिलाओंमे बोन मास इंडेक्स (BMI) छोटा होने, गर्भधारणा के समय अपर्याप्त कैल्शियम, मोनोपॉज के बाद हार्मोन में परिवर्तन होने के कारण कैल्शियम कम आत्मसात होने के कारण महिलाओं में हड्डियाँ कमजोर होने की संभावना आठ गुना अधिक होती है।
आपके शरीर में, 99% कैल्शियम आपकी हड्डीयों और दाँतों में जमा है। शेष 1% आपके रक्त और कोशिकाओं में है। इस छोटे से 1% कैल्शियम के बिना आपकी मांसपेशियां सही तरीके से संकुचित नही होगी, आपके रक्त का थक्का नही बनेगा और आपके स्नायु संदेश नही पहुँचा सकेंगे। दूसरे शब्दों में, आपके शारीर की हर कोशिका अच्छी प्रकार कार्य करने के लिए कैल्शियम पर निर्भर है।
मजबूत हड्डियों को कैल्शियम की अतिरिक्त मात्रा की जरुरत होती है । पर्याप्त कैल्शियम खाना इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि मानव शारीर में कैल्शियम नहीं बनता । हड्डियों का पूर्ण विकास होने के बावजूद, पर्याप्त कैल्शियम इसलिए आवश्यक है क्योंकि उतरी त्वचा, नाख़ून, बाल तथा पसीने द्वारा शारीर हर रोज कैल्शियम गवां देता है । इस तरह गवांये कैल्शियम की भरपाई हर रोज आहार द्वारा की जानी चाहिए । जब इन क्रियाकलापों को करने के लिए आहार में पर्याप्त कैल्शियम नहीं होता, कैल्शियम हड्डियों से लेना पडता है, जो कैल्शियम का स्टोरेज है ।
उचित तरीके से शारीरिक कार्य करने के लिए, रक्त में कैल्शियम का स्तर स्थिर रहना चाहिए। ऐसा हो, इसके लिए आपको दिन में पर्याप्त खाना होगा, अन्यथा अपेक्षित स्तर बनाए रखने के लिए आपका रक्त आपकी हड्डियों में से कैल्शियम “खींच लेगा”। और आपकी हड्डियां कमजोर होती जाएंगी और उनमें टूटने का खतरा बढ़ सकता है। इसे ऑस्टियोपोरोसिस कहते है।

कैल्शियम के अभाव से दिखने वाले लक्षण:-

1- हॉर्मोन संबधित: अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, अचानक बहुत गरमी लगना, डिप्रेशन।
3-हड्डियोंसे जुड़े लक्षण: कमर/जोड़ों में दर्द। हड्डियों का नर्म पड़ना, स्ट्रेस फ्रैक्चर (खासकर पैरों/टांगों में), ऑस्टियोपोरोसिस।
3-स्नायु की अचानक अकड़न (पिंडलियों/पैरों की उँगलियों में)
4- हात, पैर, चेहरे पर बधिरता, फड़कना।
5- याददाश्त खोना/कम होना।
6-दिल का अचानक जोर से धड़कना।
7- बच्चों में नाक से खून बहना।

मैग्नेशियम :-

शारीर को कैल्शियम सोखने में मदद करता है। पौटेशियम को पचाता है। प्रोटीन सिंथेसिस में सहायक है। मैग्नेशियम शारीर में होनेवाली 300 बायोकेमिकल प्रतिक्रियाओं में हिस्सेदार है।

विटामिन “डी ” :-

कैल्शियम के चयापचय में सहायता प्रदान करता है। आंत से रक्त प्रवाह तक कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाता है जिससे रक्त में कैल्शियम स्तर के बनाए रखने में सहायता मिलती है। विटामिन डी की कमी से कैल्शियम के अवशोषण को नुकसान होता है, हड्डियों की घिसाई और हड्डियों की क्षति अधिक होती है।
इनमे से यदि किसी भी प्रकार का कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तनिक भी देर ना करके तत्काल अपने चिकित्सक से संपर्क करें l

शरीर मे कैल्शियम की पूर्ति:-

1 शरीर में कैल्शियम की पूर्ति के लिए सबसे अच्छा और आसान उपाय है दूध पीना। रोजाना सुबह नाश्ते के साथ दूध पीजिए और कैल्शियम लेवल चेक कीजिए।
2 अगर आपको दूध पीना नहीं पसंद तो भी परेशान न हों, आप अंकुरित अनाज ले सकते हैं। अंकुरित अनाज में कैल्शियम प्रचूर मात्रा में होता है।
3 अगर आपको स्प्राउट्स यानि अंकुरित अनाज भी नहीं पसंद तो आप हफ्ते में कम से कम एक बार सोयाबीन ले सकते हैं। यह कैल्शियम आपूर्ति में मदद करेगा।
4 हरी सब्जियां भी कैल्शियम पाने का बहुत अच्छा जरिया है। फिर चाहे वह पालक, मेथी, ब्रोकली हो या कुछ और।
5 रागी का हफ्ते में एक बार किसी ना किसी रूप में सेवन करें। दलिया, हलवा या खीर बनाकर ले सकते हैं। किसी भी प्रकार से रागी कैल्शियम का विश्वसनीय स्त्रोत हैं।
6 प्रति दिन 2 चम्मच तिल का सेवन करें। आप इसे लड्डू या चिक्की के रूप में भी ले सकते हैं।
7 एक अंजीर व दो बादाम रात में गलाएं और सुबह के समय इनका सेवन करें। शर्तिया फायदा होगा।
8 नींबू पानी दिन भर में एक बार अवश्य लें।
9 पानी में अदरक डाल कर उबालें। इस पानी में शहद और हल्का नींबू निचोड़ें। सुबह 20 दिन तक पिएं। कैल्शियम की आपूर्ति होगी।
10 फ्रूट्स का सेवन नियमित रूप से करें। कीवी, संतरा अवोकाडो जैसे फलों में कैल्श‍ियम भरपूर मात्रा में होता है।
11 खाने बाला चूना गेंहूँ के दाने के बराबर दिन में किसी भी तरह खाये लेकिन जिन्हें पत्थरी की शिकायत हो वो चूना कतई न खाए।

पत्थरी के रोगी या अन्य गम्भीर रोग से ग्रस्त लोग अपने डॉ से सलाह जरूर लें।

Author: admin

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