02-औषधीय पौधा नीम

नीम
AZADIRACHTA INDICA
Neem (Azadirachta indica) in Hyderabad W IMG 6976.jpg
Azadirachta indica, flowers & leaves
वैज्ञानिक वर्गीकरण
जगत:
Plantae
विभाग:
Magnoliophyta
गण:
Sapindales
कुल:
Meliaceae
वंश:
Azadirachta
जाति:
A. indica
द्विपद नाम
Azadirachta indica

आर्युवेद में नीम को महाऔषधि कहा गया है , जिसे कई हजारों सालों से औषधीय रूप में उपयोग किया जा रहा है। बहुत सी अंग्रेजी दवाइयां नीम से बनती है। औषधीय रूप से नीम एक एंटीबायोटिक तत्वों से भरपूर औषधीय पौधा है। यह स्वाद में भले ही कड़वा है, लेकिन इससे होने वाले लाभ अमृत के समान हैं। भारत में नीम का पेड़ घर में या घर के बाहर लगाना शुभ माना जाता है, लोग अपने घर में इसे लगाते है ताकी इसका औषधीय उपयोग किया जा सके। भारत से नीम के पत्तों का निर्यात 34 देशों में किया जाता है।

नित्य सुबह सुबह खाली पेट 4 से 5 नीम के कोमल पत्तों का सेवन करने मात्रा से तमाम गम्भीर रोग जीवन मे कभी नही होंगें।

बिच्छू ततैया जैसे विषैले कीटों द्वारा काट लेने पर, नीम के पत्तों को महीन पीस कर काटे गए स्थान पर उसका लेप करने से राहत मिलती है, और जहर भी नहीं फैलता।

किसी प्रकार का घाव हो जाने पर भी नीम के पत्तों का लेप लगाने से काफी लाभ मिलता है। इसके अलावा जैतून के तेल के साथ नीम की पत्त‍ियों का पेस्ट बनाकर लगाने से नासूर भी ठीक हो जाता है।

दाद या खुजली की समस्याएं होने पर, नीम की पत्त‍ियों को दही के साथ पीसकर लगाने पर काफी जल्दी लाभ होता है। और दाद की समस्या समाप्त हो जाती है।

गुर्दे में पथरी होने की स्थिति में नीम के पत्तों की राख को 2 ग्राम मात्रा में लेकर, प्रतिदिन पानी के साथ लेने पर पथरी गलने लगती है, और मूत्रमार्ग से बाहर निकल जाती है।

मलेरिया बुखार होने की स्थिति में नीम की छाल को पानी में उबालकर, उसका काढ़ा बना लें। अब इस काढ़े को दिन में तीन बार, दो बड़े चम्मच भरकर पीने से बुखार ठीक होता है और कमजोरी भी ठीक होती है।

त्वचा रोग होने पर, नीम के तेल का प्रयोग करना लाभकारी होता है। नीम के तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर शरीर पर मालिश करने से त्वचा रोग ठीक हो जाते हैं।

नीम के डंठल में, खांसी, बवासीर, प्रमेह और पेट में होने वाले कीड़ों को खत्म करने के गुण होते हैं। इसे प्रतिदिन चबाने या फिर उबालकर पीने से लाभ होता है।

सिरदर्द, दांत दर्द, हाथ-पैर दर्द और सीने में दर्द की समस्या होने पर नीम के तेल की मालिश से काफी लाभ मिलता है। इसके फल का उपयोग कफ और कृमि‍नाशक के रूप में किया जाता है।

नीम के दातुन से दांत मजबूत होते हैं और पायरिया की बीमारी भी समाप्त होती है। नीम की पत्तियों का काढ़ा बनाकर उससे कुल्ला करने पर दांत व मसूढ़े स्वस्थ रहते हैं, और मुंह से दुर्गंध भी नहीं आती।

चेहरे पर कील मुहांसे होने पर नीम की छाल को पानी में घिसकर लगाने से फायदा होता है। इसके अलावा नीम की पत्त‍ियों का लेप करने से भी त्वचा रोग के कीटाणु नष्ट होते हैं। नीम के तेल में कपूर मिलाकर त्वचा लगाने से भी फायदा होता है ।


नीम में मौजूद तत्व ब्लड में मौजूद शुगर को कंट्रोल करता है। डायबटीज वालों के लिए ये रामवाण इलाज है। रोजाना नीम लेने से इंसुलीन की मात्रा शरीर में बढती है। 
उपयोग- रोजाना नीम की पत्तियों के रस को निकालकर सुबह खाली पेट पियें।


एक शोध के अनुसार पाया गया है कि नीम में प्रोटीन होता है, जो खून में मौजूद कैंसर के जीवाणु से लड़ता है व उन्हें मारता है। नीम का जूस रोज सुबह लेने से शरीर में मौजूद सारे विषेले तत्व निकल जाते है। नीम कैंसर की बीमारी को दूर करने में सहायक है, रोजाना इसके सेवन से हम कैंसर की बीमारी से भी बचे रह सकते है।

शरीर में कई बार तरह तरह के इन्फेक्शन हो जाते है, जिसके चलते दाद खुजली होने लगती है। फंगस के कारण भी इन्फेक्शन होता है, जिससे बचने के लिए आप नीम के पेस्ट का इस्तेमाल कर सकते है दाद खुजली में नीम का तेल बहुत अच्छा होता है,नीम को पानी मे उबाल कर नहाने बाले पानी मे मिला कर नहाने से त्वचा रोगों में लाभकारी है।

आपको मुहांसे, झुरियां, ब्लैकहेड, ड्राई स्किन या अन्य कोई स्किन से जुड़ी परेशानी है, तो इन सब परेशानियों का एक ही इलाज है नीम। नीम किसी भी इन्फेक्शन वाले कीटाणु से ये लड़ने की ताकत रखता है। ये चेहरे से किसी भी तरह के दाग धब्बे मिटा देता है। इसके अलावा नीम एक तरह का टोनर व moisturizer की तरह भी काम करता है। 
उपयोग -नीम की पत्तियों को तब तक उबालें, जब तक उसका पानी हरा ना हो जाये, अब छान कर ठंडा होने दे, फिर इस पानी से दिन में 2-3 बार मुहं धोएं। इसके अलावा आप इस पानी को नहाने के पानी में मिलाकर उपयोग करें| इससे आपके शरीर के सारे इन्फेक्शन निकल जायेंगे।

नीम की डंठल यानि दातून का उपयोग सदियों से हमारे देश में दांतों को साफ करने के लिए किया जाता है। नीम दांतों से जुडी सारी परेशानी ख़त्म कर देता है| इससे आपके दांत मजबूत व चमकदार होते है। आजकल के समय में सब लोग आधुनिक हो गए है, दातुन की जगह हम टूथपेस्ट ब्रश का इस्तेमाल करते है। आप अभी भी दिन में एक बार दातुन का इस्तेमाल करें, फर्क खुदबाखुद समझ आएगा।

रक्त की धमनियों में कचरा इक्कठा नहीं होने देता, वह उसे साफ कर देता है, जिससे रक्त का प्रवाह शरीर में सही रहता है व खून भी साफ रहता है।

पेट में जलन, अल्सर, गैस इन सारी परेशानी को नीम का पानी पीकर दूर किया जा सकता है। यूरिन इन्फेक्शन होने पर नीम की पत्तियों को खाली पेट सेवन करने से जल्द आराम मिलेगा।


नीम को आप आसानी से अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल कर सकते है। इसे उपयोग में लाने से आपको ढेरों बीमारियों से राहत मिलेगी, जिसके लिए अभी तक आप डॉक्टरों के चक्कर लगाया करते थे| अगर आप आजीवन स्वस्थ रहना चाहते है तो नित्य सुबह खाली पेट 4 से 5 नीम के कोमल पत्तों का सेवन करें, नीम आपको तमाम गम्भीर रोगों से बचा के रखेगा।

Author: admin

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