02-घुटनों की चिकनाई कम होने का रामबाण इलाज(अर्थराइटिस)

हारसिंगार (पारिजात) के 7-8 ताजे पत्ते लीजिए.
इनको पीस लीजिए और एक गिलास पानी लगभग 300 मिलीलीटर में उबाल लीजिए
जब पानी एक तिहाई यानी करीब 100 मिलीलीटर शेष बचे तो पीने लायक ठंडा करके
रोज सुबह-सुबह खाली पेट पियें।
इसे पीने के बाद 30 मिनट तक कुछ भी खाना या पीना वर्जित है.
यह प्रयोग 90 दिनों तक करें.
इससे वर्षों पुराने अर्थराइटिस के दर्द में भी निश्चित रूप से लाभ होता

हारसिंगार का पेड़ आसानी से पार्क या बगीचों में मिल जाता है इस पेड़ पर सफेद फूल आते हैं जिनकी नारंगी रंग की डंडी होती है. रात को इस पेड़ के फूल नीचे गिर जाते हैं किंतु याद रहे की यह रात की रानी का पेड़ नहीं है. यदि पेड़ की पहचान करने में मुश्किल हो तो माली की सहायता अवश्य लें.

परहेज :

  • वात ऑर्थराइटिस में अनियमित खाना, ठंडा खाना, ठंडे प्राकृतिक खाने जैसे व्हाइट राइस, दही, खीरा, मूली, आईस्क्रीम और शरबत से बचें।
  • इनकी जगह पकाए हुए ओट्स, होल व्हील पॉरिज और गर्म प्रवृत्ति वाले सूप मसाले खाएं।
  • जिन दालों को आसानी से हजम नहीं किया जा सकता जैसे राजमा और सफेद चना आदि इन्हें न खाएं।
  • पित्त ऑर्थराइटिस में सभी फरमेंटिड फूड, दही, शराब और वाइन, पुरानी चीज और एनिमल प्रोटीन से बचें।
  • खाने की मात्रा को कम कर दें और फ्राइड व रिफाइंड फूड से बिलकुल बचें।
  • इस रोग से पीड़ित लोगों को कोलन का शुद्धिकरण सबसे तेजी से फायदा पहुंचाता है।
  • कफ ऑर्थराइटिस मोटापे की वजह से होती है, क्योंकि इससे जोड़ों में तनाव आ जाता है।
  • इस रोग से पीड़ित लोगों को न सिर्फ वजन कम करना चाहिए बल्कि खाने की मात्रा भी कम कर देनी चाहिए और ज्यादा पौष्टिक खाना तो बिलकुल नहीं खाना चाहिए। शोध से मालूम हुआ है कि जड़ी-बूटियां जैसे शल्लाकी, अदरक, हल्दी और अश्वगंधा भी ऑर्थराइटिस के दर्द को खासा कम कर देती हैं।


Author: admin

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